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Showing posts from September, 2021

योग और ब्रह्मचर्य

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  योग और ब्रह्मचर्य ब्रह्मचर्य पालन के बिना योग करना व्यर्थ है। आज हम कुछ महत्वपूर्ण बातें जानने की कोशिश करेंगे। जो योग और ब्रह्मचर्य का पालन करने के लिए जरूरी है… अगर आप बिना योगाभ्यास के ब्रह्मचर्य का पालन करोगे तो आपका ब्रह्मचर्य खंडित होना तय है क्योंकि वीर्य एक ऊर्जा है और ऊर्जा का काम है, नष्ट होना। योग से वीर्य उर्दगामी होकर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। और सहस्रार चक्र तक पहुंचकर समाधि की स्थिति को प्राप्त करता है। जो बिना योग अभ्यास के असंभव है। योग व ब्रह्मचर्य का अभ्यास करने वाले व्यक्ति को लहसुन-प्याज, मदिरापान, धूम्रपान, मांस, अंडा और अधिक गर्म मसाले का सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए। शाकाहारी व सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। नमक का कम से कम सेवन करना चाहिए लंबे समय के ब्रह्मचर्य और योगाभ्यास के लिए नमक का सर्वथा त्याग कर देना चाहिए। सुबह 3:00 से 4:00 बजे उठकर ध्यान व योग अभ्यास अवश्य करना चाहिए। क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त में शरीर की उत्तेजना चरम पर होती है। उस उत्तेजना का फायदा योगाभ्यास करके उठाना चाहिए ना कि स्वपनदोष और हस्तमैथुन कर ऊर्जा को नष्ट करना चाहिए। रात्रि का भ...

"मन में चल रहे द्वंदो की शक्ति"

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  बहुत समय पहले की बात है। एक पहुंचे हुए सिद्धमहात्मा  थे। उनको जो कुछ भी भेंट में मिलता था, वह सभी सामान कुटिया में रख देते थे। वे उसी चीज का इस्तेमाल करते थे जो, उनके लिए बहुत जरूरी थी। काफी समय बीतने के बाद उन्होंने सोचा कि अपने पुराने मित्रों से मिलना चाहिए। जैसे ही महात्मा कुटिया से बहार निकले उनके बहुत खास मित्र उनसे मिलने आए। लेकिन वह बारिश और कीचड़ में बहुत बुरी तरह अपने कपड़े खराब कर चुके थे।  महात्मा जी ने कहा देखो, मैं कुटिया में तो नहीं रुक सकता। आप मेरे साथ चल सकते हो। लेकिन उनके कपड़े खराब हो चुके थे। इसलिए उन्होंने आग्रह किया कि आपके पास कोई पुराने कपड़े हो तो मैं भी आपके साथ चल सकू। उन्होंने कुटिया में जाकर देखा कुछ समय पहले एक राजा ने उनको बहुत ही अच्छा राजसी पोशाक दी थी। वह पोशाक उन्होंने अपने मित्र को दी और दोनों साथ में चल दिए… महात्मा जी ने जब पोशाक पहने अपने मित्र को देखा तो उनके मन में ईर्ष्या उत्पन्न हो गई है। उन्होंने सोचा यह तो बहुत ही अच्छा और सुंदर लग रहा है जबकि मैं एक महात्मा… फिर उन्होंने सोचा कि मैं एक संत हूं। मुझे ऐसा नहीं सोचना चाहिए। अप...