Posts

Showing posts with the label मनोरंजन

दो इंजीनियर

Image
  "एक कहानी मनोरंजन के लिए" दो दोस्त थे। भारत देश में रहते थे। उनका सपना था कि वे, बहुत बड़े इंजीनियर बने है। उन्होंने एक ही कॉलेज में एडमिशन लिया और एक साथ पढ़ाई की… दो इंजीनियर  परंतु उनमें से एक गरीब था और एक अमीर.. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी होने के बाद अमीर दोस्त अमेरिका चला गया और गरीब दोस्त इंडिया में ही नौकरी की तलाश करने लगा।  कुछ दिनों बाद दोनों दोस्तों को बहुत अच्छी नौकरी मिली, अमीर दोस्त को अमेरिका में ही नौकरी मिल गई, और गरीब दोस्त को इंडिया में सरकारी नौकरी मिल गई… काफी वर्ष बीतने के बाद इंडियन दोस्त अपने पुराने मित्र से मिलने अमेरिका गया। उसने उसके ठाठ-बाट और ऐसो-आराम देखा तो हैरान रह गया...  अपनी गाड़ी अपना बंगला सब कुछ अपना था…  उसने पूछा है की, हे! मित्र तूने इतना पैसा कहां से कमाया नौकरी में तो तुझे कुछ हजार डॉलर ही मिलते है…  उसने कहा चल मैं तुझे दिखाता हूं। अमेरिकन दोस्त उसे घुमाने ले गया और एक बहुत सुंदर लंबा चौड़ा फ्लाईओवर दिखाया और कहा देख, इसका 10 परसेंट कमीशन अपने आप मेरे घर पहुंच गया था, और ना जाने कितने फ्लाईओवर ना कितनी बिल्डिंग ...

"ईश्वर सब जगह है"

Image
  "ईश्वर सब जगह है" एक बार अकबर के दिमाग में कुछ हलचल हुई और कुछ प्रश्नों के उत्तर खोजने की मनसा पैदा हुई। अकबर का  दरबार लगा तो उसने चार प्रश्नों के उत्तर खोजने की जिज्ञासा प्रकट की… 1 आसमान में कितने तारे है…? 2 हमारे देश में कितने कोए है…? 3 धरती का छोर कहा है...  3 और अल्लाह-ताला कहां रहता है, और क्या करता है…? सब की निगाहें बीरबल की तरफ थी। क्योंकि बीरबल ही एक ऐसे व्यक्ति थे जो, ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम थे।  राजा ने सोचा इन प्रश्नों का उत्तर ऐसे तो नहीं मिलेगा। उत्तर बीरबल ही दे सकता है, और जब तक बीरबल को बलपूर्वक नहीं कहेंगे जब तक वह उत्तर नहीं देगा। सभी राजदरबारियों ने बीरबल से उत्तर देने का आग्रह किया। अंत में राजा ने बीरबल को बोला कि हे! बीरबल आप इन चार प्रश्नों का उत्तर खोज के लाइए अन्यथा आपको मृत्युदंड दिया जाएगा😢  बीरबल परेशान हो गया लेकिन, बीरबल तो बीरबल था। उसने सोचा अब मरना तो तय है। मरने से पहले कुछ उपाय कर लेते है। उसने राजा से कहा कि हे! राजन मुझे कुछ धन की आवश्यकता होगी और कुछ समय चाहिए। जिससे कि मैं इन प्रश्नों का उत्तर खोज सकूं।...

मछुआरे ने खोली नई दुकान

Image
  एक बार एक मछुआरे ने अपनी नई दुकान खोली दुकान बाजार के मुख्य मार्ग पर थी। उसने एक बड़ा सा बोर्ड बनवाया उस पर लिखवाया कि, " यहां पर सस्ती, ताजी व जिंदा मछलियां मिलती है।" वहां से एक व्यक्ति गुजर रहा था। उसने बोर्ड पढ़ा और मछुआरे से कहा की " क्या आप मरी हुई मछलियां भी बेचते हो…?" मछुआरे ने कहा नहीं मैं सिर्फ "ताजी और जिंदा मछली बेचता हूं।" उसने कहा तो फिर यहां " जिंदा मछलियां" लिखवाने की क्या आवश्यकता है। मछुआरों ने जिंदा मछलियां काट दिया बोर्ड पर रह गया, " यहां पर सस्ती और ताजी मछलियां मिलती है।" अगले दिन एक और राहगीर आया उसने बोर्ड पढ़ा उस पर लिखा था, यहां पर "सस्ती और ताजी मछलियां मिलती है।" उसने मछुआरे से कहा "क्या आप बासी मछलियां भी बेचते हो" मछुआरे ने कहा नहीं मैं, "ताजी मछलियां बेचता हूं।" तब उसने कहा की" तो फिर बोर्ड पर ताजी लिखवाने का क्या मतलब... लोग सोचेंगे कि मरी हुई भी बेचते होंगे... मछुआरे ने ताजी भी बोर्ड से हटा दिया। अब रह गया " यहां पर सस्ती मछलियां मिलती है।" अगले दिन एक और र...