"ईश्वर सब जगह है"
"ईश्वर सब जगह है"
एक बार अकबर के दिमाग में कुछ हलचल हुई और कुछ प्रश्नों के उत्तर खोजने की मनसा पैदा हुई। अकबर का दरबार लगा तो उसने चार प्रश्नों के उत्तर खोजने की जिज्ञासा प्रकट की…
1 आसमान में कितने तारे है…?
2 हमारे देश में कितने कोए है…?
3 धरती का छोर कहा है...
3 और अल्लाह-ताला कहां रहता है, और क्या करता है…?
सब की निगाहें बीरबल की तरफ थी। क्योंकि बीरबल ही एक ऐसे व्यक्ति थे जो, ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम थे।
राजा ने सोचा इन प्रश्नों का उत्तर ऐसे तो नहीं मिलेगा। उत्तर बीरबल ही दे सकता है, और जब तक बीरबल को बलपूर्वक नहीं कहेंगे जब तक वह उत्तर नहीं देगा।
सभी राजदरबारियों ने बीरबल से उत्तर देने का आग्रह किया। अंत में राजा ने बीरबल को बोला कि हे! बीरबल आप इन चार प्रश्नों का उत्तर खोज के लाइए अन्यथा आपको मृत्युदंड दिया जाएगा😢
बीरबल परेशान हो गया लेकिन, बीरबल तो बीरबल था। उसने सोचा अब मरना तो तय है। मरने से पहले कुछ उपाय कर लेते है। उसने राजा से कहा कि हे! राजन मुझे कुछ धन की आवश्यकता होगी और कुछ समय चाहिए। जिससे कि मैं इन प्रश्नों का उत्तर खोज सकूं। राजा ने कहा जितना धन चाहिए उतना ले लीजिए। परंतु प्रश्नों का उत्तर मुझे चाहिए।
बीरबल ने अपना दिमाग लगाना शुरू किया तीन महीने का समय मांगा जैसे-जैसे समय नजदीक आता गया बीरबल की चिंताएं बढ़ती गई। पहले तीन प्रश्नों का उत्तर तो उसने खोज लिया परंतु चौथे प्रश्न का उत्तर नहीं मिला।
जब उसकी बेटी ने बीरबल के चिंतित होने का कारण पूछा तो बीरबल ने राजा की सारी बातें बता दी। उसकी बेटी बोली बस इतनी सी बात, चौथे प्रश्न का उत्तर मैं दूंगी तीन का आप दे दीजिए।
ऐसा माना जाता है कि, बीरबल की बेटी बीरबल से अधिक बुद्धिजीवी और तेज दिमाग वाली थी।
बीरबल को अपनी बेटी पर भरोसा तो था परंतु, मृत्यु का भय भी कि, अगर राजा को प्रश्न का उत्तर ना दिया तो राजा मृत्युदंड दे देगा। लेकिन मरता क्या न करता…
बीरबल ने एक गधा लिया उसको दो-तीन जगह से थोड़ा-थोड़ा गंजा कर दिया, और पतले सूत के मोटे-मोटे चार बंडल गधे के ऊपर रख दिए, साथ ही बड़े-बड़े चार कॉपियां ले ली जिनमें नंबर और आंकड़े लिखे हुए थे। अपनी बेटी को लेकर राज दरबार में पहुंच गया और ऐलान कर दिया कि राजन आपके चारों प्रश्नों के उत्तर मिल चुके है…
राजा हैरान! कि इसने प्रश्नों के उत्तर कैसे खोज लिए, प्रश्नों का उत्तर खोजना असंभव था। फिर राजा ने सोचा चलो देखते है।
राज दरबार लगा बीरबल ने पहला प्रश्न का उत्तर दिया कि, "आसमान में कितने तारे है" बीरबल ने गधे को आगे कर दिया और कहा कि महाराज जितने इस गधे के शरीर पर बाल है, उतने ही आसमान में तारे है। राजा हैरान उसने कहा बीरबल आप यह कैसे कह सकते हो... तब बीरबल ने कहा कि हे महाराज मैंने तारे गिने थे और गधे के बाल भी, लेकिन गधे के शरीर पर बाल फालतू थे जो मैंने काट दिए है। नहीं तो आप गिनवा सकते हो... अब बारी गिनने की बारी राजदरबारीयो की थी। इसलिए सब एक आवाज में बोले ठीक है ठीक है... महाराज ठीक है बीरबल ने गिन लिए होंगे।
राजा को बीरबल की चतुराई समझ में आ गई। परंतु राजा प्रसन्न हुआ और दूसरे प्रश्न का उत्तर पूछा की हमारे देश में कितने कोए है।
बीरबल ने कहा महाराज अपने देश में 195399 कोए है। (कुछ भी) राजा ने कहा आप यह इतने विश्वास के साथ कैसे कह सकते हो। तब बीरबल ने कहा महाराज मैंने एक-एक कोए का हिसाब लगाया है। आप यह कॉपी देख सकते हो…
राजा ने कहा अगर कम या ज्यादा निकले तो, बीरबल बोले महाराज हो सकता है, अगर कम हुए तो, पड़ोसी देश में मेहमान गिरी में गए होंगे और अधिक हुए तो पड़ोसी देश के कोए हमारे देश में मेहमान गिरी के लिए आए होंगे… राजा बीरबल की चतुराई समझ गया लेकिन कुछ कर ना सका विवश होकर कहने लगा अगले प्रश्न का उत्तर….
धरती का छोर कहां है…?
बीरबल ने चारों सुत के बंडल उठाए और राजा के सामने रख दिए। महाराज सूत का एक किनारा पकड़ो और आगे चलते चले जाओ जब यह चारों बंडल खत्म हो जाएंगे तो धरती का छोर आ जाएगा। राजा हैरान! उसने कहा यह कैसे संभव है। बीरबल ने कहा महाराज आप चेक कर लीजिए... मैंने तो नाप लिया आप भी ना लीजिए राजा ने सोचा कौन नापेगा... कहा ठीक...ठीक... है। अगले प्रश्न का उत्तर… बीरबल ने कहा अगले प्रश्न का उत्तर मेरी बेटी देगी...
अल्लाह ताला कहां रहता है और, क्या करता है…?
बीरबल की बेटी ने राजा से कहा महाराज एक लोटा कच्चा दूध मंगाईये। दूध आने के बाद बीरबल की बेटी दूध के लोटे में अपना हाथ डाल कर उसको बिलोने लगी… ऐसा करते करते है, उसे बहुत देर हो गई।
राजा से रहा नहीं गया उसने पूछा यह क्या कर रही हो..? बीरबल के बेटी ने बड़ी सहजता से जवाब दिया, महाराज घी निकाल रही हूँ। राजा ने कहा क्या आप मूर्ख हो, घी ऐसे निकलता है क्या…?
पहले दूध को उबालना पड़ता है, फिर उसको ठंडा होने के बाद जमाने के लिए रखते है। जब दही बन जाता है, फिर उसे बिलोना पड़ता है। उसके बाद मक्खन निकलता है। फिर उसको आग पर गर्म करना पड़ता है। जब जाकर घी निकलता है। आप ऐसे ही कच्चे दूध से घी कैसे निकाल सकती हो…
तब बीरबल की बेटी ने कहा महाराज मूर्ख में नहीं मूर्ख आप हो... जो अल्लाह, ताला, ईश्वर... को बिना प्रयास के ढूंढने की कोशिश कर रहे हो।
जिस तरह से इस दूध में घी सर्वत्र मौजूद है। लेकिन उसको निकालने के लिए प्रयास करना पड़ता है। एक क्रम से चलना पड़ता है, उसी तरह से ईश्वर भी इस संसार में हर जगह मौजूद है। बस उसको देखने के लिए भी एक क्रम से अभ्यास भक्ति करनी पड़ती है। आप उसे बिना प्रयास के ही पा लेना चाहते हो…
राजा ने कहा बेटी मुझे माफ कर दो और यह और बता दो कि अल्लाह ताला क्या करता है…
तब बीरबल की बेटी ने कहा महाराज प्रश्न करता बड़ा होता है या उत्तर देने वाला…? राजा ने कहा उत्तर देने वाला ज्ञान देने वाला गुरु बड़ा होता है और प्रश्न पूछने वाला छोटा होता है।
तब बेटी ने कहा महाराज इस समय हम दोनों में से छोटा कौन और बड़ा कौन है…? तो राजा ने कहा इस समय मैं प्रश्न पूछ रहा हूं आप मुझे ज्ञान दे रहे हो इसलिए आप बड़े हो।
तो बेटी ने कहा महाराज बड़े व्यक्ति को ऊपर बैठना चाहिए और छोटे व्यक्ति को नीचे मैं आपको इस प्रश्न का उत्तर तब दूंगी जब मैं आपसे ऊपर बैठूंगी… राजा उतर के नीचे आ गया और बेटी को सिंहासन पर बैठा दिया।
बेटी ने हँसते हुए जवाब दिया अल्लाह ताला यही करता है। ऊपर वाले को नीचे, और नीचे वाले को ऊपर...💐💐💐
राजा बहुत खुश हुआ उसने बीरबल को बहुत सारा धन देकर विदा किया।
#kailashbabustory
धन्यवाद

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