सही दिशा में मेहनत करो
"सफलता मेहनत करने से नहीं, सही दिशा में मेहनत करने से मिलती है"
एक राजा ने दो लकड़ी काटने वाले लकड़हारो को आदेश दिया कि, आप को जंगल में एक-एक पेड़ काटना है... और सूर्य उदय होने से लेकर, सूर्य अस्त होने से पहले जो पेड़ काट देगा, उसे मुंह मांगा इनाम दिया जाएगा…
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| सही दिशा में मेहनत करो |
दोनों लकड़हारे बहुत खुश हुए... एक लकड़हारा इतना खुश हुआ की सूर्य उदय होते ही अपनी कुल्हाड़ी लेकर पहुंच गया और पेड़ काटना प्रारंभ कर दिया... लेकिन यह क्या दूसरा लकड़हारा गायब...😢 10:00 बजे, 12:00 बजे, दोपहर खत्म, 2:00 बजे, शाम के 4:00 बज गए... लेकिन दूसरा लकड़हारा गायब...
लेकिन यह क्या…? सुबह सूर्य उदय होने से लेकर, शाम के 4:00 बजे तक पहले लकड़हारे से पेड़ का थोड़ा सा हिस्सा ही कटा था…
थोड़ी देर में दूसरा लकड़हारा आया और आधे घंटे में ही पेड़ को तहस-नहस कर दिया… पूरा पेड़ काट के जमीन पर बिछा दिया और राजा के पास गया और बोला, राजा साहब मैंने पेड़ काट दिया आप मुझे मुंह मांगा इनाम दीजिए…
और वहां दूसरा लकड़हारा सूर्यास्त होने के बाद भी पेड़ को काटता रहा लेकिन फिर भी पेड़ पूरी तरह से नहीं कटा…
राजा ने कहा पहले दूसरे लकड़हारे को आ जाने दो फिर आप का इनाम दिया जाएगा... जब दूसरा लकड़हारा राजा के पास पहुंचा तो, राजा ने कहा कि, आपने पेड़ काटा…?
तो दूसरा लकड़हारा कहने लगा कि महाराज मुझे समझ नहीं आया कि मैं सुबह सूर्य उदय होने से तुरंत बाद ही पेड़ काटने में लग गया और सूर्यास्त होने के बाद भी पेड़ को पूरा न काट सका...😢
लेकिन यह शाम 4:00 बजे के बाद आया और आधे घंटे में पेड़ को काटकर चला गया।
राजा से रहा न गया और राजा ने उससे पूछा कि हे…! लकड़हारे तूने ऐसा क्या जादू किया…? कि जो लकड़हारा सुबह सूर्य उदय होने से लेकर शाम के सूर्य अस्त होने तक पूरे दिन में पेड़ ना कर सका और तूने आधे घंटे में काट दिया…?
तो दूसरे लकड़हारे ने बड़ी विनम्रता से जवाब दिया... हे! महाराज में सूर्य उदय होने से लेकर शाम 4:00 बजे तक अपनी कुल्हाड़ी में "धार" लगा रहा था।
जैसे ही मेरी धार पूरी हुई मैंने अपने पेड़ को आधे घंटे में काट दिया लेकिन, पहला जो लकड़हारा था, वह बिना धार लगी कुल्हाड़ी से ही पेड़ को काट रहा था। अगर यह एक दिन तो क्या दश दिन भी पेड़ को काटता, तब भी पेड़ ना कटता…
राजा को सारी बात समझ में आ गई और उसने दूसरे लकड़हारे को मुंह मांगा इनाम दिया...
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि, हमें मेहनत से ज्यादा अपने दिमाग पर जोर लगाना चाहिए।
अगर मेहनत करने वाला व्यक्ति सफल होता तो मजदूर और रिक्शा चलाने वाला आज सबसे अमीर और सफल होता…
परंतु हमें किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी पूरी तरह से रणनीति बना लेनी चाहिए, और अपने विवेक व कौशल पर धार लगा लेनी चाहिए। जिससे कि हम मेहनत करने वालों से आगे निकल सके।
" सफलता मेहनत करने से नहीं, सही दिशा में मेहनत करने से मिलती है…"
#kailashbabustory
धन्यवाद

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