"गधों से हमेशा दूरी बनाए रखें"
"गधों से हमेशा दूरी बनाए रखें"
बहुत समय पहले की बात है। पूर्णिमा का की रात थी। चंद्रमा पूरे शबाब पर था। रात के 12:00 बजे थे। एक गधे को नीद नही आ रही थी इसी कारण वह, टहलने के लिए एक तालाब के किनारे पहुंचा...
![]() |
| "गधों से हमेशा दूरी बनाए रखें" |
तालाब के किनारे पहुंचते ही उसने तालाब में चंद्रमा की पूरी तस्वीर देखी…. और वह सोचने लगा कि हे! भगवान चंद्रमा तालाब में डूब गया...😢 मुझे इस को बचाना चाहिए...
इतना सोचते ही गधे ने उसको निकालने की कोशिश की...😢 और एक बाल्टी और एक बड़ी रस्सी लेकर तालाब के पास पहुँचा…
गधे ने जैसे ही तलाब में बाल्टी और रस्सी डाली उसमें एक बहुत बड़ा मगरमच्छ फस गया...😢 गधे ने उसको ऊपर खींचने की बहुत कोशिश की परंतु वह नहीं खींचा… अचानक से गधे के हाथ से राशि छूट गई... और गधा बहुत दूर जाकर गिरा और बेहोश हो गया…
बहुत देर बाद गधे को होश आया और उसकी आंखें खुली तो…! उसने आसमान में चांद को देखा... और कहने लगा हे! भगवान आपका लाख-लाख शुक्र है... कि मेरे अथक प्रयासों से चंद्रमा को तालाब से निकालकर आसमान में भेज दिया...😢
लेकिन यह बात में अगर किसी को बताऊंगा तो, सुबह मेरा कोई विश्वास नहीं करेगा। क्योंकि मैं एक गधा हूं, और सभी लोग मुझे अल्प ज्ञानी समझते है….
गधा अपने अहम में चूर-चूर था, और पूरे जंगल में ऐसे घूम रहा था कि, जैसे उसने पता नहीं कौन सा महान कार्य कर दिया है…
वास्तव में कुछ लोग इस गधे की तरह ही होते है, जो एक तुक्ष काम करके भी यह सोचते हैं कि, मैंने पता नहीं कौन सा महान कार्य कर दिया है... वास्तव में वह महान नहीं गधे की तरह बेकार काम होता है…
आप अपने जीवन में गधे के तुल्य नहीं, मानव के तुल्य महान काम करिए…. तभी आपको लोग पहचानेंगे अन्यथा, आप एक गधे के समान बने रहेंगे….
#kailashbaustory
धन्यवाद

Comments
Post a Comment